बाइबल के पद: शोक
यूहन्ना 11 मार्था और मरियम से मुलाकातों के बीच लाजर की मृत्यु पर यीशु के आँसू बताता है। 2 कुरिन्थियों 1 में पौलुस मिली हुई सांत्वना को दूसरों की सहायता से जोड़ता है। ये पाठ दुख के लिए जगह देते हैं; शोक समाप्त करने की समय-सीमा नहीं तय करते।
हिन्दी — इंडियन रिवाइज्ड वर्जन 2019
यूहन्ना 11:32–36
पूरा अध्याय पढ़ें32 जब मरियम वहाँ पहुँची जहाँ यीशु था, तो उसे देखते ही उसके पाँवों पर गिरकर कहा, “हे प्रभु, यदि तू यहाँ होता तो मेरा भाई न मरता।”
33 जब यीशु ने उसको और उन यहूदियों को जो उसके साथ आए थे रोते हुए देखा, तो आत्मा में बहुत ही उदास और व्याकुल हुआ,
34 और कहा, “तुम ने उसे कहाँ रखा है?” उन्होंने उससे कहा, “हे प्रभु, चलकर देख ले।”
35 यीशु रोया।
36 तब यहूदी कहने लगे, “देखो, वह उससे कैसा प्यार करता था।”
2 कुरिन्थियों 1:3–4
पूरा अध्याय पढ़ें3 हमारे प्रभु यीशु मसीह के परमेश्वर, और पिता का धन्यवाद हो, जो दया का पिता, और सब प्रकार की शान्ति का परमेश्वर है।
4 वह हमारे सब क्लेशों में शान्ति देता है; ताकि हम उस शान्ति के कारण जो परमेश्वर हमें देता है, उन्हें भी शान्ति दे सकें, जो किसी प्रकार के क्लेश में हों।
मनन के लिए प्रश्न
हर अंश अपनी परिस्थिति में क्या कहता है, और दोनों पाठों में क्या अंतर दिखाई देता है?
इस चयन का उपयोग कैसे करें
ये शुरुआत के विकल्प हैं, पूरी सूची नहीं। परिचय संपादकीय टिप्पणियाँ हैं; उद्धरण बताए गए संस्करण से हैं। समझें कि कौन, किससे और किस स्थिति में बोल रहा है।
BibleMio की संपादकीय टिप्पणियाँ, AI की सहायता से तैयार की गई हैं। ये बाइबल के पाठ का हिस्सा नहीं हैं।